मलता रहा मुद्दतों अपने चेहरे पर नाकामियों की राख तब कहीं जा कर कामयाबी के आईने में निखरा हूँ मैं मलता रहा मुद्दतों अपने चेहरे पर नाकामियों की राख तब कहीं जा कर कामयाबी के आईने म...
चलो चल के देख लो धूप छाँव के भेद को कई सूखे पेड़ है, और कई हरियाली से ढेर है, चलो चल के देख लो धूप छाँव के भेद को कई सूखे पेड़ है, और कई हरियाली से ढेर है...
भाई बहन के रिश्ते का अटूट बंधन हर पल हर क्षण जीवित रहता है। भाई बहन के रिश्ते का अटूट बंधन हर पल हर क्षण जीवित रहता है।
हमारा नया सदस्य, वाहन था वो पहला, कभी आया था वो नया नवेला। हमारा नया सदस्य, वाहन था वो पहला, कभी आया था वो नया नवेला।
मैं हूँ हिंदी, हिंदी है मुझमे रोम -रोम में , मन चितवन में प्राण-प्राण में, आभा के उपवन में मैं उसमे ... मैं हूँ हिंदी, हिंदी है मुझमे रोम -रोम में , मन चितवन में प्राण-प्राण में, आभा क...
महान हिन्दी महान हिन्दी